इत्र कारोबारी पीयूष जैन ने 2007 में आनंदपुरी में मकान खरीदा था। वो कभी-कभी यहां आते थे। बेटे प्रत्युष और प्रियांश यहीं पर रहते थे। बताया गया कि घर में अकूत धन होने के चलते बेहद सीमित संख्या में लोग आते जाते थे।