हरिवंश ने कहा कि मीडिया को लोकतांत्रिक संस्थाओं की चुनौतियों को उजागर करने का पूरा अधिकार है, लेकिन सदस्यों की गंभीर और रचनात्मक चर्चा को भी जगह मिलनी चाहिए।