आखिर 2021 की विदाई बेला आ ही गई। हर कोई चाहेगा कि ऐसा साल फिर न आए तो अच्छा। अलविदा हो रहे वर्ष का आधे से ज्यादा वक्त महामारी के काले साये और आधा करोड़ से ज्यादा लोगों की मौतों तथा घरों से श्मशानों तक पसरे मातम के बीच बीता।