Modi Restructure PM Care Fund Trust Board


प्रधानमँत्री नरेंद्र मोदी अपने हर निर्णय से विरोधियों को चौका देते है।
पीएम के निर्णय ऐसे होते है कि विरोध में मुखर विरोधी दल के नेतागण चारोखाने चित्त हो जाता है।
                                   
PM Cares Fund | मोदी के निर्णय से विपक्ष निरुत्तर
PM Cares Fund | मोदी के निर्णय से विपक्ष निरुत्तर 


प्रधानमँत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे ही अपने निर्णय से पुन: विपक्ष निरुत्तर हो गया है।
पिछले काफी समय से PM CARES FUND को लेकर आशँका व्यक्त करनेवाला देश का विपक्ष निरुत्तर हो गया है।
दरअसल प्रधानमँत्री ने पीएम केयर्स फँड के सँचालन का जिम्मा उठानेवाली ट्रस्ट बोर्ड में नये ट्रस्टी और सलाहकारों को नामित किया है।
प्रधानमँत्री ने समाज के ऐसे शख्सियतो को बतौर ट्रस्टी और सलाहकार ट्रस्टी सदस्य नामित किया है कि जिनकी सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अतिविशिष्ट दखल है।
पीएम केयर्स फँड नामक सहायता कोष का निर्माण कोरोना महामारी Covid19 के समय की गई थी।
इस कोष का निर्माण महामारी या आपदा स्थिति में सामान्य मानविकी को मदद देने के लक्ष्य के साथ किया गया था।

देश के सबसे सम्मानित व नामचीन उद्योग घराना टाटा सँस के चेयरमैन एमिरेट्स उद्योगपति रतन टाटा को PM CARES FUND के बनाये गये ट्रस्टी 
                                                             
PM Cares Fund,Ratan Tata
PM Cares Fund | मोदी के निर्णय से विपक्ष निरुत्तर 



पीएम केयर्स फँड (PM Cares Fund)  का उद्देश्य

पीएम केयर्स फँड कोविड-19 महामारी के दौरान बनाया गया था। फँड का प्राथमिक उद्देश्य जैसे कि महामारी या आपदा से उत्पन्न हुये किसी तरह की आपात स्थिति या सँकट की स्थिति से निपटना है।

आपदा परिस्थितियों से प्रभावित व्यक्तियों को राहत प्रदान करना है।
फँड का निर्माण पूरी तरह से व्यक्तियों और सँगठनों के स्वैच्छिक योगदान से होता है।

इस कोष में सरकार का कोई योगदान नही है।
इस फँड में किसी प्रकार का बजटीय सहायता नहीं होती है।

पिछले दिनो प्रधान मँत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर्स फँड के न्यासी बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता किया था।
उक्त बैठक में केंद्रीय गृह मँत्री अमित शाह और केंद्रीय वित्त मँत्री निर्मला सीतारमण ने हिस्सा लिया था।
प्रधानमँत्री पीएम केयर्स फँड के पदेन अध्यक्ष हैं और रक्षा मँत्री, गृह मँत्री और वित्त मँत्री, भारत सरकार फँड के पदेन ट्रस्टी हैं।

Prime Minister is the ex-officio Chairman of the PM CARES Fund and Minister of Defence, Minister of Home Affairs and Minister of Finance, Government of India are ex-officio Trustees of the Fund.

यहाँ बताना आवश्यक है कि शाह और सीतारमण दोनों ही PM CARES FUND पीएम केयर्स फँड के ट्रस्टी हैं।
उक्त हाईलेवल मीटिंग में रतन टाटा, चेयरमैन एमेरिटस, टाटा सँस; जस्टिस के टी थॉमस, पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज और करिया मुँडा, पूर्व डिप्टी स्पीकर लोकसभा को पीएम केयर्स फँड के नये नामित ट्रस्टी के रूप में नियुक्त किया गया।

पीएम केयर्स फँड ट्रस्ट के लिए सलाहकार बोर्ड

उक्त बैठक में पीएम केयर्स फँड ट्रस्ट के लिए सलाहकार बोर्ड के गठन का निर्णय लिया गया ताकि फँड के सँचालन को अधिक जनोन्मुखी बनाया जा सके।
इसके लिये समाज के अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों को नामित कर फँड के सँचालन के साथ जोड़ने का निर्णय लिया गया है।
                                                                  
PM Cares Fund,
PM Cares Fund | मोदी के निर्णय से विपक्ष निरुत्तर 



इसके लिये प्रतिष्ठित व्यक्तियों में राजीव महर्षि,भारत के पूर्व नियँत्रक और महालेखा परीक्षक; श्रीमती सुधा मूर्ति, पूर्व अध्यक्ष, इँफोसिस फाउँडेशन, और आनँद शाह, टीच फॉर इँडिया के सह-सँस्थापक और इँडिकॉर्प्स और पीरामल फाउँडेशन के पूर्व सीईओ को सलाहकार मँडल में नामित करने का निर्णय लिया गया है।

निष्कर्ष

प्रधानमँत्री नरेंद्र मोदी का  PM Cares Fund पर लिये गये निर्णय का निष्कर्ष यह है कि पीएम केयर्स की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय होगी।
देश की जनता का विश्वास पहले से भी अधिक बढ़ेगा.
रतन टाटा के नेतृत्व में एकाधिक मूर्धन्य शख्सियतों के सार्वजनिक कोष से जुड़ने से आम जनता में विश्वास उत्पन्न होगा।
PM Cares Fund को बदनाम करने को लेकर विपक्षी राजनीतिक दलो ने जो घटिया मुहिम चला रखी है, उसकी भी टाँय टाँय..फिश्श्स होगी।