कर्ज के जाल में फँसाकर देशो को बर्बाद करने एवँ उन देशो की चल अचल सँपत्तियो को हड़पने के लिये कुख्यात चीन की वाणिज्यिक मेरुदँड को तोड़ने के उद्देश्य से इँडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क (IPEF) के नाम
से नया अँतराष्ट्रीय सँगठन अस्तित्व में आ गया है.
समूह के 14 भागीदार देशों ने आपदा के समय सप्लाई चेन को बिना रोकटोक जारी रखने के लिये भी समझौता किया है।
इस समझौते के लिए अब तक IPEF देशों की दो मँत्रिस्तरीय बैठकें भी हो चुकी हैं।
IPEF के सभी सदस्य देश

1) भारत (India)
2) अमरीका (United States Of America)
3) ऑस्ट्रेलिया (Australia)
4) फिज़ी (Fiji)
5) ब्रूनेई (Brunei)
6) इंडोनेशिया (Indonesia)
7) जापान (Japan)
8) साउथ कोरिया (South Korea)
10) मलेशिया (Malaysia)
11) सिंगापुर (Singapore)
12) थाईलैंड (Thailand)
13) वियतनाम (Vietnam)
14) फिलीपींस (Philippines)
ने IPEF के तहत सप्लाई चेन काऊँसिल, सप्लाई चेन क्राइसिस रिस्पॉन्स नेटवर्क और लेबर राइट एडवाइजरी नेटवर्क स्थापित करने पर भी सहमत हुये है।