जिन्हे चुल्हा और चिता में नहीं अँतर.

बस आग जलनी चाहिये,राजनीतिक रोटी सिंकना चाहिये.

जिन्हे सामान्य और आपात परिस्थितियो का नहीं अँतर.
हर विषय पर सतही राजनीति कर हो जाना है छूमँतर.

बालासोर रेल हादसे पर जब देश है गमगीन.
विपक्ष मोदी सरकार को घेरने की नियत से उदासीनता का आरोप मढ़ रहे सँगीन.

रेल्वे का कायाकल्प कर रहा मँत्री है सँवेदनशील और दमदार.
जिस पर विपक्षी हादसे की जिम्मेदारी मढ़,करना चाह रहे कैरियर दागदार.

एक दफे फिर जनता दिखायेगी समझदारी.
2024 में अवसरवादी विपक्ष को नही देगी,
देश की जिम्मेदारी.