तेज स्वामीभक्त मुधोल डाँग की छरहरी काया,
                           प्रधानमँत्री नरेन्द्र मोदी को सुरक्षा के लिये भाया.


    Dangerous Mudhol Dog for PM Modi Security- मुधोल नामक नगर दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य के बागलकोट जिले में स्थित है।

    इस नगर का पूर्व में नाम मोदुवोलालू था।
    मुधोल नगर जिला मुख्यालय बागलकोट से 60किमी की दुरी पर स्थित है।
                                                                       
    Mudhol Dog Deputed in Prime Ministers security
    Dangerous Mudhol Dog for PM Modi Security in Hindi



    मुधोल किस वजह से विख्यात है?

    मुधोल नामक स्थान,यहाँ पाये जाने वाले विशिष्ठ देशी प्रजाति के मुधोल कुत्तो के लिये पहचाना जाता है।

    हाल के दिनो मुधोल क्यो चर्चा में आया है ?


    पिछले दिनो प्रधानमँत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मुधोल का जिक्र अपने विशेष जनसँवाद कार्यक्रम में किया था।

    उक्त चर्चा के दौरान प्रधानमँत्री जी ने अन्य विषयो के साथ ही मुधोल में पाये जानेवाले विशिष्ठ प्रजाति के कुत्ते मुधोल हाऊँड का जिक्र किया था।

    प्रधानमँत्री जी के जिक्र करने के बाद से ही मुधोल नस्ल का कुत्ता जनचर्चा का विषय बन गया है।

    क्यो चर्चा में है मुधोल कुत्ता ?


    मुधोल कुत्ते का जनचर्चा में आने का मुख्य कारण है कि हाल ही में इस खाँटी देशी नस्ल के कुत्ते को प्रधानमँत्री जी की नीजि सुरक्षा दस्ते में शामिल किया गया है।
    यह कुत्ता अब से प्रधानमँत्री जी की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाले स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप SPG का प्रमुख हिस्सा होगा।

    मुधोल कुत्तो की विशेषता ?


    मुधोल कुत्तो में बहु खूबियो या प्रतिभा के कुत्ते होते है।

    यह इसके कई नामो से स्पष्ठ होता है। इन्हे कई नामो से पुकारा जाता है।
    इसके कुछ प्रसिद्ध नाम है मराठा हाऊँड, पश्मी हाऊँड, काठेवार हाऊँड, कारवाँ कुत्ता (caravan Dog), साईट (देखने की क्षमता के कारण) डाँग है.

    यह भारत का प्योर देशी नस्ल का कुत्ता है। इस ब्रीड को कैनल क्लब आफ इँडिया (KCI) और इँडियन नैशनल कैनल क्लब (INKC) की ओर से मान्यता है।
    इस ब्रीड को भारत के कैनाईन हैरिटेज में शुमार किया गया है।

    इस ब्रीड के कुत्तो का आकार बड़ा होता है। यह शारिरीक तौर पर बेहद गठीले और आकर्षक होते है।

    ये प्रमुखता से सफेद,काला,चाकलेटी, लाल भुरे और चितकबरे रँग के होते है।
    इस ब्रीड के कुत्ते बेहद स्वामिभक्त और आक्रमक होते है।
    यह ब्रीड मूलत: शिकारी नस्ल का होता है।

    मुधोल नस्ल के कुत्ते क्यो प्रसिद्ध है ?


    श्रीमँत राजेसाहेब मालोजिराव घोरपड़े का 1884 से 1937 के मध्य मुधोल पर शासन था।

    श्रीमँत जी को मुधोल ब्रीड के कुत्तो को पहचानने और नस्ल के सँरक्षण और सँवर्धन करने का श्रेय जाता है।

    राजा साहब ने ही सर्वप्रथम मुधोल राज्य के जँगलो में रहनेवाली बेदर आदिवासियो को मुधोल कुत्तो का उपयोग शिकार के दौरान करते हुये देखा था।
    राजा साहब कुत्तो की दक्षता और उसके शारिरीक बनावट से प्रभावित हुये थे।

    जिसके पश्चात उन्होने इस प्रजाति के कुत्तो की विशेष सँरक्षण में ब्रीडिंग करवाकर रायल मुधोल ब्रीड के तौर पर सँरक्षीत किया था।
    जो ब्रीड वर्तमान समय तक विद्यमान है।

    मुधोल नस्ल के कुत्ते को अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति कैसे प्राप्त हुई ?


    सन 1900 के आसपास मुधोल राज्य के राजा साहब इँग्लैड के दौरे पर गये थे।
    उस दौरान मुधोल नस्ल का एक जोड़ा कुत्ता ब्रिटिश एम्पायर के किंग जार्ज पँचम को भेंठ स्वरुप दिया था।

    कहा जाता है कि ब्रिटिश किंग जार्ज पँचम भेंट में प्राप्त कुत्तो से बेहद प्रभावित हुये थे।
    यह इसी से पता चलता है कि किंग जार्ज पँचम ने ही मुधोल का अँग्रेजी नाम मुधोल हाऊँड रखा था।

    क्या मुधोल ब्रीड प्योर भारतीय कुत्तो के विरासत में शामिल है ?


    हाँ...मुधोल ब्रीड को शुध्द भारतीय नस्ल के कुत्तो के विरासत (Canine Heritage) में शामिल है।

    वर्ष 2005 में भारत शासन के अधीन सँचार एवँ इनफार्मेशन टैक्नोलॉजी मँत्रालय के व्दारा मुधोल कुत्ते पर डाक टिकट जारी किया गया था।
                                                              
    Dangerous Mudhol Dog for PM Modi Security in Hindi
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    क्या मुधोल नस्ल को अच्छा समझा जाता है ?


    मुधोल नस्ल का कुत्ता भारत के स्वस्थ नस्ल का कुत्ता माना जाता है।
    यह साधारणत: बिमार नही पड़ता है।
    इसमे खुद को भारत के हर मौसम और वातावरण में ढालने की क्षमता होती है।
    यही वजह है कि इस ब्रीड के कुत्तो की बड़ी माँग है।

    क्या मुधोल कुत्ता खतरनाक होता है ?


    मुधोल प्रजाति के कुत्ते बेहद स्वामी भक्त होते है।
    इसके इसी गुण में इसकी आक्रमकता छुपी होती है।
    मुधोल कुत्तो को थोड़ा भी आभाष हो कि उनके स्वामी पर खतरा है तो वह बगैर समय गवाये हमला कर देता है।
    लेकिन जब हमला करते है तो वह बेहद तीव्र गति और बेहद घातक तरिके से करते है।
    जिसके चलते दुश्मन खौफ से भर जाता है।

    क्या मुधोल नस्ल का कुत्ता गार्ड डाँग होता है ?


    मुधोल नस्ल के कुत्ते मूलत: अपने शिकारी प्रवृत्ति और साथ चलनेवाले कारवाँ के भेड़ बकरियो और ढेरे की सुरक्षा आदि के लिये जाना जाता है।
    इस प्रजाति के कुत्ते बेहद तेज दौड़ने, फुर्तीले और चपल होते है।
    गठीला शरीर, कम वजन ,बड़े पाँव के कारण इनमे जबरदस्त शारिरिक क्षमता (स्टैमिना) होती है।
    यही वजह है कि यह बगैर थके लम्बी दूरी तक दौड़ सकता है।

    क्या मुधोल कुत्तो में देखने और सुँघने की क्षमता होती है ?

    मुधोल डाँग को साईट डाँग नाम से भी जाना जाता है।
    यह नाम इसके देखने की क्षमता के कारण पड़ा है।
    मुधोल कुत्तो की देखने की क्षमता जबरदस्त होती है। ये खड़ी अवस्था में 270 डिग्री कोण में देख सकते है।

    मुधोल की सूँघने की क्षमता कितनी होती है?


    जहाँ तक सूघँने की क्षमता का विषय है तो इनके प्राकृतिक आवास में देखने में आया है कि ये जमीन की ऊपर सतह से सूँघकर गहरे बिलो और खोह(गडहो) में दुबके खरगोश का पता लगाते है।
    यूँ इनकी सूँघने की क्षमता 3 किलोमीटर दूर तक होती है।
    जो दर्शाता है कि इनके सूँघने की क्षमता कितनी जबरदस्त होती है।
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    मुधोल की दौड़ने की गति कितनी होती है ?

    ये 50 किलोमीटर प्रति घँटे की रफ्तार से दौड़कर अपने शिकार को धर दबोचते है।
    इनका हल्का,छरहरा कद काठी और लम्बे बड़े पाँव इन्हे बगैर थके लम्बी दूरी तक एक समान रफ्तार से दौड़ने में मदद करते है।
    एक बार शिकार के पीछे पड़ जाते है तो उसे बगोर दबोचे दम नही लेते है।

    क्या मुधोल कुत्तो का समावेष छत्रपति शिवाजी महाराज के सैन्य दस्ते में था ?


    महान छत्रपति शिवाजी महाराज एक कुशल सैन्य विशेषज्ञ थे। उन्होने ही गोरिल्ला युध्द का आरम्भ किया था।

    गोरिल्ला युध्द कला में दुश्मन को अप्रत्याशित ढँग से चौकाने की विधा होती है।

    दुश्मन को चौकाकर हमला करने हेतु मुधोल कुत्तो का उपयोग करते थे। तो वही
    दुश्मन के किले बन्दी को भेदने के लिये छत्रपति महाराज गोह(बड़ी छिपकली) का उपयोग करते थे।
    यह ऐसा दृष्टाँत है जो युध्द इतिहास में विरल है।

    स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) में शामिल होने से पूर्व और कहाँ अपनी सेवा दे रहा है?

    प्रधानमँत्री श्री नरेंद्र मोदी की नीजि सूरक्षा हेतू एसपीजी मे शामिल होने के पहले से DRDO, इँडियन आर्मी, इँडियन एयरफोर्स, पैरामिलिट्री फोर्सेस, राज्य पुलिस फोर्सस आदि में सेवार

    क्या मुधोल डाँग जँगल के राजा शेर की भी सुरक्षा करता है ?

    कर्नाटक सरकार अपने प्रोजेक्ट टाईगर के तहत जँगलो में बाघो को अवैध त है।
    शिकारियों पोचर्स से बचाने हेतु मुधोल कुत्तो की सेवा सफलतापूर्वक ले रही है।

    क्या मुधोल को प्रधानमँत्री की सुरक्षा में तैनात किया गया है ?

    पिछले दिनो मुधोल को एसपीजी दस्ते में शामिल कर लिया गया है। इस दस्ते पर प्रधानमँत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है।

    पीएम की सुरक्षा के लिये कर्नाटक से विशेष तौर पर लाये गये मुधोल को कितनी अवधि की ट्रेनिंग दी जा रही है?


    पीएम सुरक्षा की ड्यूटी करने से पूर्व मुधोल कुत्तो को चार माह की ट्रेनिंग दी गई है ।

    मुधोल कुत्ते का बाजार मूल्य कितना होता है?


    पीएम मोदी की सुरक्षा के लिए उपयोग में आ रहे खतरनाक मुधोल कुत्ते का बाजार मूल्य 10 हजार से 15 हजार के बीच होता है।
    लेकिन जैसे जैसे इसकी वीवीआईपी सुरक्षा में महत्ता बढ़ रही है। इसकी माँग और इसके दाम में भी वृध्दि की सँभावना है।

    क्या मुधोल कत्ते घर में पालने योग्य उपयुक्त है ?

    सही कहा जाय तो...पालने योग्य नही होते है।
    इनके साथ सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि ये किसी एक सदस्य से घुलते मिलते है। फलस्वरुप घर के अन्य सदस्यो के प्रति व्यवहार को ले कर अनिश्चितता रहती है।
    घर के छोटे बच्चो के प्रति इन कुत्तो का व्यवहार सही नही होता है।